bimar ke liye dua shayari

बे-दम हुए बीमार दवा क्यूँ नहीं देते
तुम अच्छे मसीहा हो शिफ़ा क्यूँ नहीं देते

Ye Jo Chehre Se Tumhen Lagte Hain Bimar Se Hum
Khob Roye Hain Lipat Kar Dar-O-Deewar Se Hum

bimar hu shayari

कौन कहता है कि दिल सिर्फ सीने में धड़कता है,
तुझको लिखूँ तो मेरी उंगलियाँ भी धड़कती है।
Kaun Kahta Hai Ki Dil Sirf Seene Me Dadhkata Hai,
Tujhko Likhun To Meri Ungliyan Bhi Dhadkti Hain.

हम ने सीने से लगाया दिल न अपना बन सका,
मुस्कुरा कर तुम ने देखा दिल तुम्हारा हो गया।
Hum Ne Sine Se Lagaaya Dil Na Apna Ban Saka,
Muskura Kar Tum Ne Dekha Dil Tumhara Ho Gya.

bimar shayari in hindi

वो आये और मेरा हाल चाल पूछे कुछ
बस इसलिये ही मैं बीमार होना चाहता हूँ

कम नहीं होता है उस बीमार का दुख
जिसको होता है किसी के प्यार का दुख

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