Bewafa Shayari

January 12, 2020
bewafa shayari
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हमसे न करिये बातें यूँ बेरुखी से सनम,
होने लगे हो कुछ-कुछ बेवफा से तुम।

bewafa_shayari
Humse Na Kariye Baatein Yoon Berukhi Se Sanam,
Hone Lage Ho Kuchh-Kuchh Bewafa Se Tum.

 


ज़रा सा बेवफा होना…

मोहब्बत से रिहा होना ज़रूरी हो गया है,
मेरा तुझसे जुदा होना ज़रूरी हो गया है,
वफ़ा के तजुर्बे करते हुए तो उम्र गुजरी,
ज़रा सा बेवफा होना ज़रूरी हो गया है।


Is Duniya Mein Mohabbat Kash Na Hoti,
To Safar Ai-Zindagi Mein Mithaas Na Hoti,
Agar Milti Bewafa Ko Sajaye Maut,
To Deevano Ki Kabre Yun Udaas Na Hoti.

Bewafa Shayari

इस दुनिया में मोहब्बत काश न होती,
तो सफर ऐ-ज़िन्दगी में मिठास न होती,
अगर मिलती बेवफा को सजाए मौत,
तो दीवानों की कब्रे यूँ उदास न होती।


Woh Mili Bhi To Kya Mili Ban Ke Bewafa Mili,
Itane To Mere Gunah Na The Jitni Mujhe Saja Milei.

Bewafa Shayari

वो मिली भी तो क्या मिली बन के बेवफा मिली,
इतने तो मेरे गुनाह ना थे जितनी मुझे सजा मिली।


तेरा ख्याल दिल से मिटाया नहीं अभी,
बेवफा मैंने तुझको भुलाया नहीं अभी।

Bewafa Shayari
Tera Khayal Dil Se Mitaya Nahi Abhi,
BeWafa Maine Tujhko Bhulaya Nahi Abhi.


Yun To Hai Sabkuch Mere Pas Bas Dva-E-Dil Nahi,
Door Vo Mujhse Hai Par Main Us Se Naraaj Nahin,
Maloom Hai Ab Bhi Mohabbat Karta Hai Vo Mujhse,
Vo Thoda Sa Jiddi Hai Lekin Bevafa Nahin.

यूँ है सबकुछ मेरे पास बस दवा-ए-दिल नही,
दूर वो मुझसे है पर मैं उस से नाराज नहीं,
मालूम है अब भी मोहब्बत करता है वो मुझसे,
वो थोड़ा सा जिद्दी है लेकिन बेवफा नहीं।


Meri Nigahon Mein Bahne Wale Ye Aawara Sa Ashq,
Poochh Rahe Hai.. Palkon Se Teri Bewafai Ki Bajah.

Bewafa Shayari

मेरी निगाहों में बहने वाला ये आवारा से अश्क
पूछ रहे है पलकों से तेरी बेवफाई की वजह।


Mil Hi Jayega Koi Na Koi Toot Ke Chahne Wala,
Ab Shahar Ka Shahar Toh Bewafa Ho Nahi Sakta.

Bewafa Shayari
मिल ही जाएगा कोई ना कोई टूट के चाहने वाला,
अब शहर का शहर तो बेवफा हो नहीं सकता।


बेवफाई की पाई-पाई जोड़ कर रखी थी ,
पर तुमने फिर गले लगाकर सब हिसाब बिगाड़ दिया
Bewafa Shayari
 
bewafai ki pai-pai jod kar rakhi thi ,
par tumne phir gale lagakar sab hisab bigad diya

जिनसे थे मेरे नैन मिले, 
बन गए थे ज़िन्दगी के सिलसिले । 
इतना प्यार करने के बाद भी, 
सनम मेरे बेवफा निकले।

Bewafa Shayari

Jinase the mere nain mile, 
ban gae the zindagee ke silasile . 
Itana pyaar karane ke baad bhee, 
sanam mere bewafa nikale.


वफ़ा के नाम से मेरे सनम अनजान थे,
किसी की बेवफाई से शायद परेशान थे,
हमने वफ़ा देनी चाही तो पता चला,
हम खुद बेवफा के नाम से बदनाम थे।

Wafa Ke Naam Se Mere Sanam Anjaan The,
Kisi Ki Bewafai Se Shayad Pareshan The,
Humne Wafa Deni Chahi To Pata Chala,
Hum Khud Bewafa Ke Naam Se Badnaam The.


भुला दूंगा तुम्हे भी थोड़ा सबर रखना 
तुम्हारी तरह बेवफा होने में
थोडा वक्त लगेगा

Bhula dunga tumhe bhee thoda sabar rakhana 
tumhaaree tarah bewafa hone mein
thoda waqt lagega


पहले इश्क फिर धोखा फिर बेवफाई 
बड़ी तरतीब से एक सख्स ने 
तबाह किया मुझे 
Pahale ishk phir dhokha phir Bewafai 
Badi tarteeb se ek sakhs ne tabaah kiya mujhe.


Dekha Hai Zindagee Ko Kuchh Itane Qareeb Se
Chehare Tamaam Lagane Lage Hain Ajeeb Se

Bewafa Shayari
देखा है ज़िंदगी को कुछ इतने क़रीब से
चेहरे तमाम लगने लगे हैं अजीब से


Sirf Ek Hi Baat Seekhi Inn Husn Walon Se Humne,
Haseen Jis Ki Jitni Adaa Hai Woh Utna Hi Bewafa Hai.
सिर्फ एक ही बात सीखी इन हुस्न वालों से हमने​​,
​हसीन जिसकी जितनी अदा है वो उतना ही बेवफा है।


उसके चेहरे पर इस क़दर नूर था,
कि उसकी याद में रोना भी मंज़ूर था,
बेवफा भी नहीं कह सकते उसको ज़ालिम,
प्यार तो हमने किया है वो तो बेक़सूर था।

Uske Chehre Par Is Kadar Noor Tha,
Ki Uski Yaad Me Rona Bhi Manjur Tha,
Bevafa Bhi Nahin Kah Sakte Usko Faraj,
Pyar To Hamne Kiya Hai Vo To Bekasur Tha!


Ijazat ho to tere chahere ko dekh lu jee bhar ke..
muddaton se in aankhon ne koi bewafa nahin dekha.

इजाज़त हो तो तेरे चहेरे को देख लूँ जी भर के..
मुद्दतों से इन आँखों ने कोई बेवफा नहीं देखा।


Chalo maan leta hun ke..
Mujhe mohabbat karni nahin aatee,
Lekin aap to ye batao..
Aap ko dil todna kisne sikhaya. ?

चलो मान लेता हुँ के..
मुझे मोहब्बत करनी नहीं आती,
लेकिन आप तो ये बताओ..
आप को दिल तोडना किसने सीखाया। ?


उल्फत-ए-मोहब्बत ही सही जरा दीदार तो कर ,
लतीफ-ए-प्यार ही सही मगर इज़हार तो कर
 
ulfhat-ye-mohabbat hi sahi jara didaar to kar ,
latifh-ye-pyaar hi sahi magar izahaar to kar

Meri Nigahon Mein Bahne Wale Ye Aawara Sa Ashq,
Poochh Rahe Hai.. Palkon Se Teri Bewafai Ki Bajah.

मेरी निगाहों में बहने वाला ये आवारा से अश्क
पूछ रहे है पलकों से तेरी बेवफाई की वजह।


ना जाने क्यूँ नज़र लगी ज़माने की,
अब वजह मिलती नहीं मुस्कुराने की,
तुम्हारा गुस्सा होना तो जायज़ था,
हमारी आदत छूट गयी मनाने की..!!


मोहब्बत का नतीजा दुनिया में हमने बुरा देखा,
जिन्हे दावा था वफा का उन्हें भी हमने बेवफा देखा..!!


मेरी आँखों में आँसू की तरह एक बार आ जाओ,
तक़ल्लुफ़ से बनावट से अदा से चोट लगती है..!!


तेरा ख्याल दिल से मिटाया नहीं अभी,
बेवफा मैंने तुझको भुलाया नहीं अभी।

bewafa shayari
Tera Khayal Dil Se Mitaya Nahi Abhi,
BeWafa Maine Tujhko Bhulaya Nahi Abhi.


 

 

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