ऐटिटूड शायरी इन हिंदी फेसबुक

November 19, 2021
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जिस्म पर खरोच दे दोगे तो चलेगा
मगर आत्मसम्मान पर खरोच बिल्कुल भी बर्दाश्त नही करूंगा

अभी तो बदला लेना बाकी है
हाँ अकेले है और अकेले ही काफी है

मेरा आने वाला वक़्त तुम्हारे
हर सवाल का जवाब देगा

अकेले है कोई गम नही
जहाँ इज्जत नही वहाँ हम नही

मेरे बारे में अपनी सोच को थोड़ा बदल के देख,
मुझसे भी बुरे हैं लोग तू घर से निकल के देख..

कमाओ.. कमाते रहो  और तब तक
#कमाते_रहो,  जब तक ☝ हर महंगी चीज़  सस्ती ना #लगने लगे.।।

थोडा सा गरूर भी जरूरी है जीने के लिए,
ज्यादा झुक के मिलो तो दुनिया पीठ को पायदान बना देती है.।।

इसी बात से लगा लेना मेरी शोहरत का अन्दाजा
वो मुझे सलाम करते है, जिन्हे तु सलाम करता हैं.।।

जो आपकी जिंदगी में कील बनकर बार-बार चुभे,
उसे एक बार हथौड़ी बनकर ठोक दो.।।

अपने  #अंदाज़ में जियो,
#दुसरो  को नज़र #अंदाज़   करके.।।

ना मैं गिरा और ना मेरी उम्मीदों की मीनारें गिरी,
|पर मुझे गिराने में कई लोग बार-बार गिरे.।।

#आजकल ☝ ज़माने के साथ #चलना_है तो,
#आपको  चेहरे बदलने  का हुनर  ज़रूर #आना_चाहिए ।

दुश्मन इतनी आसानी से नहीं बनते
बहुत लोगों का भला करना पड़ता है

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Hindi Shayari · Shayari

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